वेनेजुएला के नष्ट होने की गाथा, हम भारतीय ले सकते हैं सबक..

वेनेजुएला के नष्ट होने की गाथा, हम भारतीय ले सकते हैं सबक..

जहाँ से....
7 Miss Universe, 6 Miss World
8 Miss International, 2 Miss Earth

जीतने वाले देश की लड़कियाँ आज सिर्फ भोजन के लिए अपने को बेच रही है, कारण सरकार की मुफ्तखोर नीतियाँ! द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद, जब पूरी दुनिया मे तेल की जबरदस्त demand थी और दाम आसमान छू रहे थे , Venezuela की पांचों उँगलियाँ घी में थीं। 1945 में ही देश रोज़ाना 1 Million Barrel तेल बना रहा था।


सरकार ने अपने नागरिकों को खैरात बांटना शुरू किया देश की हर सेवा सरकारी थी और हर सेवा Free थी।
तेल के बदले में दुनिया भर से सामान आता था, राशन, अनाज, फल, सब्जी, दवाइयां, मशीनरी, कपड़ा हर चीज़ Import ही होती थी। तेल के बदले में ....... और सरकार अपने नागरिकों को सबकुछ फ्री देती थी। 50 और 60 के दशक में जब कि सारी दुनिया हाड़ तोड़ मेहनत कर उत्पादन Manufacturing में लगी थी , Venezuela में एक सूई तक न बनती थी और उनकी तो गोभी और टमाटर भी यूरोप से आती थी।

बहुत खूबसूरत देश है Venezuela..…... पर यदि कोई Tourist भूला भटका आ भी जाता तो पूरे देश मे कोई उसको पानी पूछने वाला न था .....… आमतौर पे ऐसे देशों में बाहर से विदेशी आ जाते हैं रोज़ी रोज़गार की तालाश में, पर चूंकि इस देश मे फ्री सेवा थी इसलिए सभी पार्टियां और जनता विदेशी लोगों के देश मे प्रवेश के खिलाफ थी कि हमारी मुफ्त सेवा का लाभ विदेशी क्यों लें। इसका नतीजा ये हुआ कि कोई नागरिक खुद तो कुछ करता नही था, खेती बाड़ी , कोई उद्योग धंदा, और बाहर से लेबर ही import कर ले सरकार, ये होने नही देता था। इसलिए देश मे Tourism तक develop न हुआ ।

बताया जाता है कि 70 के दशक में अगर भूला भटका सैलानी अगर आ भी जाता तो ये उससे कहते ....... F@#$ off ..फिर एक दिन तेल के दाम गिरने लगे .सरकार की एक तेल कंपनी थी PDVSA सरकार ने कंपनी से कहा, सबको नौकरी दे दो .कंपनी बोली हुज़ूर हमको employee की ज़रूरत ही नही सरकार बोली, फिर भी दे दो ....... इस तरह सरकार ने हर परिवार के कम से कम एक आदमी को सरकारी तेल कंपनी PDVSA में नौकरी दे दी जहां वो कोई काम नही करता था और मुफ्त की मोटी पगार लेता.

3.5 करोड़ मुफ्तखोर जिनने ज़िन्दगी में कोई काम नही किया था वो लूट खसोट करने लगे।
लड़कियां सब वेश्यावृत्ति में उतर गई। समाजवादी सरकार फिर भी नही चेती वो कर्ज़ा ले के घी पिलाने लगी अपनी मुफ्तखोर जनता को आज राजधानी कराकास दुनिया का सबसे असुरक्षित शहर है जहां एक Bread के टुकड़े के लिए हत्या हो जाती है और लड़कियां सिर्फ एक पीस bread के लिए शरीर बेचती हैं।
डेढ़ करोड़ बोलिवर में एक थाली खाना मिलता है.

1999 के बाद देश की ये दुर्दशा शुरू हुई

इतना बड़ा देश सिर्फ 3.5 करोड़ लोगों के लिए गेहूं चावल सब्जी दूध पैदा नही कर सकता ?मैं कहता हूँ कि आज अगर वेनेजुएला की सरकार यहां पंजाब से सिर्फ 1000 किसानों को अपने यहां आमंत्रित कर ले और सिर्फ जरूरी मशीनरी दे दे तो सिर्फ 6 महीने में हमारे किसान इतना अनाज, सब्जी, फल और दूध पैदा कर देंगे कि पूरे वेनेजुएला से खाया न जाये .अकेला एक कपूरथला जिला इतना खरबूजा पैदा करता है कि पूरा North India खाता है.

सवाल है कि सरकार ने ये मुफ्तखोरी अपने नागरिकों को क्यों सिखाई? अपने देश की जनता को निकम्मा, नकारा, हरामखोर किसने बनाया? जब इतनी भुखमरी है देश मे तो भी क्या जनता अपने घर के पिछे घीया तोरी कद्दू के बीज सिर्फ डाल दे तो भी दो महीने में इतनी सब्जी हो जाएगी कि उसको उबाल के खा के पेट भर लेंगे लोग  आज राहुल G चुनावी वादा कर रहे कि 5 करोड़ गरीब परिवारों को 6000 महीना 72000 सालाना दे के भारत मे 7 venezuela बनाना चाहते हैं। 3.5 करोड़ लोगों का एक Venezuela है।

25 करोड़ लोगों को मुफ्तखोर बनाना चाहते हैं यानी 7 Venezuela कांग्रेस की इस मुफ्तखोरी योजना का बजट होगा 3,60,000 करोड़ रु यानी हमारे कुल रक्षा बजट से भी ज़्यादा. Congress सत्ता में वापसी के लिए इस देश को Venezuela बना देगी.जागो मतदाता जगो... अपना भविष्य संवारो.

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